प्रणव प्राणायाम


प्रक्रिया :

सुखासन,सिद्धासन,पद्मासन अथवा वज्रासन में एकदम शान्त बैठें। स्वभाविक रूप से सांस ले | मन को सांसों के आवागमन पर केन्द्रित करपंक्ति सांसों को दृष्टा के रूप मे देखें ।

अवधि :  2-5 मिनट या अधिक

लाभ : 

  1. ब्रम्हानंद की प्राप्ती करने के लिए और मन और मस्तिषक की एकाग्रता बढाने के लिये बहुत उपयोगी है।
  2. शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
  3. यह शारीरिक और आध्यात्मिक ऊर्जा देता है।
  4. मानसिक तनाव से राहत देता है और शारीरिक विकारों पर काबू करने में मदद करता है।
  5. मन को मजबूत बनाने, ध्यान में मदद करें।&
  6. आध्यात्मिक विकास में मदद करता है और हमारे दृष्टिकोण को बढ़ाता है

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